Thursday, December 25, 2025

माटी , माँ और मैं

 माटी माटी माटी 

माटी माटी माँ

माटी माँ माँ 

माँ माँ माँ

माँ माँ माँ

माँ माँ माँ

माँ माँ माँ

माँ मैं  मैं    

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं 

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं 

मैं 

मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं मैं

मैं 

मैं 

मैं 

मैं मां 

माँ मैं 

माँ मैं माँ मैं माँ मैं माँ मैं माँ मैं

माँ माँ माँ माँ माँ मैं 

माँ माटी 

मैं 

मैं माटी 

माटी मैं 

माटी माटी मुस्कुराती माँ , मुस्कुराती माटी , कहीं नहीं मैं 

माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी माटी।  



Tuesday, December 16, 2025

Neend

 नींद , साथ आती है बिस्तर तक 

आखों को चूम कर, छुप जाती है 

चौखट के सुदूर , अपनी माशूका के पास 

खेलती  , उस अल्हड सी , महकती रात के साथ 


आज फिर,मुई नींद, रंग रैलियां मना रही होगी 

अलग अलग रंगों की के नकाब में मुझसे चुप 

गुलाबी होते अंधेरों  के साथ , नैन मटका करती

बेशर्मी और बेहद सलीकों की चादर के पीछे, मुस्कुराती  


उस घोर , गहरे कालेपन की शर्ट के बटन तोड़ती 

सारे रंगों को मानो पी जाती, 

और में प्यासा , खुद को  जकड़ा ,उसकी कसक में 

मुआ , सच्चे आशिक सा , बिस्तर पर किसी और को आने नहीं देता